➤ मुख्यमंत्री ने 1253 नवचयनित कांस्टेबलों को सौंपे नियुक्ति पत्र, भर्ती प्रक्रिया को बताया पूरी तरह पारदर्शी
➤ दो माह में 800 और कांस्टेबल भर्ती करने की घोषणा, पुलिस बल को और मजबूत करने पर जोर
➤ ERSS-112 प्रतिक्रिया समय में देश में प्रथम, CCTNS में पहाड़ी राज्यों में अव्वल – पुलिस की उपलब्धियां गिनाईं
कांगड़ा (डरोह): पुलिस कॉलेज डरोह में आयोजित ‘रोजगार संकल्प मेले’ के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 1253 नवचयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पुलिस भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ करवाई गई है और प्रश्नपत्र हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से आयोजित करवाए गए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी दो महीनों में 800 और कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश पुलिस और सशक्त होगी तथा कानून व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मिशन स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ चल रहे जनआंदोलन में हिमाचल पुलिस सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।

उन्होंने कहा कि ERSS-112 आपात सेवा के औसत प्रतिक्रिया समय में हिमाचल पुलिस देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि CCTNS में पहाड़ी राज्यों में लगातार अव्वल बनी हुई है। ITSSO रैंकिंग में भी हिमाचल पुलिस देशभर में पांचवें स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस वर्दी की गुणवत्ता सुधारने, यूनिफॉर्म ग्रांट बढ़ाने और भूतपूर्व सैनिकों को 10 वर्ष बाद हॉनरेरी हेड कांस्टेबल तथा 15 वर्ष बाद हॉनरेरी सहायक सब इंस्पेक्टर बनाने की घोषणा की। बी-1 परीक्षा से संबंधित विषय पर उच्च न्यायालय में चल रहे मामले में सरकार मजबूती से पक्ष रखने की बात भी कही।

नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में NDPS एक्ट के तहत 2149 मामले दर्ज हुए, जो पिछले वर्ष से लगभग 25% अधिक हैं। चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए 12 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।



